माटी से जीवन निखारतीं महिलाएं
June 11, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

माटी से जीवन निखारतीं महिलाएं

Written byपूनम नेगीपूनम नेगी
Mar 8, 2022, 03:18 am IST
in भारत, महाराष्ट्र
पद्मश्री पप्पाम्मल

पद्मश्री पप्पाम्मल

बहुत कम लोगों को पता होगा कि देश में बड़ी संख्या में महिला किसान हैं। तमिलनाडु की 106 वर्षीया पद्मश्री पप्पाम्मल इस उम्र में भी खेती करती हैं। महाराष्ट्र की 61 वर्षीया राहीबाई पोपरे बीज संरक्षण का काम कर रही हैं। इनके अलावा बहुत सी ऐसी महिलाएं हैं, जो खेती-किसानी कर एक नया मार्ग प्रशस्त कर रही हैं

 

आज ग्रामीण महिलाओं के प्रत्यक्ष योगदान एवं सक्रिय भागीदारी के फलस्वरूप हमारा देश अनेक प्रकार के फल, सब्जी और अनाज के मामले में महत्वपूर्ण उत्पादक देश बन गया है। जीवट की धनी इन महिलाओं ने विविध क्षेत्रों में सफलता के कई प्रशंसनीय आयाम गढ़े हैं। महिला दिवस के अवसर पर प्रस्तुत हैं कुछ सफल महिला कृषकों की प्रेरक कहानियां- 

106 वर्ष की आयु में खेती
आमतौर पर किसान के बारे में सोचते समय दिमाग में धूप में फावड़ा चलाते, मेहनत करते पसीने से तरबतर अधेड़ पुरुष की छवि बनती है। लेकिन तमिलनाडु के कोयंबतूरकी 106 वर्षीया महिला कृषक पद्मश्री पप्पाम्मल ने इस धारणा को तोड़ा है। 1914 में कोयंबतूर के देवलापुरम् में जन्मी पप्पाम्मल देश की सबसे बुजुर्ग किसान मानी जाती हैं। उन्हें तमिलनाडु में जैविक कृषि की प्रणेता माना जाता है और वह तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय से जुड़ी हैं। इस उम्र में भी वे अपने 2.5 एकड़ के खेतों में हर दिन काम करती हैं। खास बात यह है वह रसायन वाली खेती नहीं करतीं, बल्कि खुद खाद बनाकर जैविक खेती करती हैं। सुबह चार बजे उठती हैं, साढ़े पांच बजे तक तैयार होकर अपने खेत में पहुंच जाती हैं। फिर पूरा दिन अपने खेतों को, फसलों को समर्पित कर देती हैं। जैविक खेती में अद्वितीय काम के लिए पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित पप्पाम्मल का जीवन बेहद प्रेरक है।

 

महाराष्ट्र  की ‘बीज माता’ 

महाराष्ट्र की 61 वर्षीया वनवासी किसान राहीबाई पोपरे उन खास लोगों में शामिल हैं, जिन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से एक पद्म पुरस्कार मिला है। दर्जनों देशी किस्मों के बीजों का संरक्षण करने वाली राहीबाई पोपरे की उपलब्धियों के सफर तकरीबन दो दशक पहले तब शुरू हुआ था जब उनका पोता जहरीली सब्जी खाने के बाद बीमार पड़ा था। उस पल राहीबाई ने जैविक खेती की शुरुआत करने का मन बनाया। पर बात सिर्फ खेती तक सीमित नहीं रही। आज उनके द्वारा बनाया गया बीज बैंक राज्य के किसानों के लिए बेहद मुफीद साबित हो रहा है। राहीबाई पोपरे आज पारिवारिक ज्ञान और प्राचीन परंपराओं की तकनीकों के साथ जैविक खेती को एक नया आयाम दे रही हैं। भले ही वे कभी स्कूल नहीं गईं लेकिन खेती के क्षेत्र में उनके ज्ञान का लोहा वैज्ञानिक भी मानते हैं। कम सिंचाई में अच्छी फसल देने वाले उनके परंपरागत बीजों की मांग महाराष्ट्र और गुजरात में काफी अधिक है।   

अचार से बेड़ा पार 

कई लोगों को पर्याप्त पैसे, संसाधन और शिक्षा के बाद भी सफलता नहीं मिलती है, वहीं कुछ लोग अपनी कड़ी मेहनत और लगन के बलबूते संसाधन व शिक्षा के बिना ही सफलता की सीढ़ियां चढ़ लेते हैं। इसका जीता जागता उदाहरण हैं  बुलंदशहर की कृष्णा यादव, जो आज ‘श्रीकृष्णा पिकल्स’ की मालकिन हैं और दिल्ली के नजफगढ़ में रहती हैं। करौंदे का अचार और कैंडी बनाने के शुरुआती दिनों के बाद आज ये कई तरह की चटनी, अचार, मुरब्बा आदि सहित दर्जनों प्रकार के उत्पाद तैयार करती हैं। वर्तमान में उनकी फैक्ट्री में 500 कुंतल फल व सब्जियों का प्रसंस्करण होता है, जिसका सालाना व्यापार लगभग एक करोड़ रुपए से ऊपर का है। वे 8 मार्च, 2016 को भारत सरकार के नारी शक्ति सम्मान, साल 2014 में हरियाणा सरकार से चैंपियन किसान महिला अवार्ड  तथा  2013 में वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से 51,000 रुपए का चेक सम्मानस्वरूप पा चुकी हैं।

 

 

कीर्तिमान बनातीं कीर्ति  

पहाड़ी महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण के गुर सिखाने वाली टिहरी (गढ़वाल) के किसान विज्ञान केंद्र की युवा खाद्य वैज्ञानिक कीर्ति कुमारी की उपलब्धियां भी कम सराहनीय नहीं हैं। अब तक लगभग 1,000 महिलाओं को खाद्य उत्पादों की ग्रेडिंग, प्रोसेसिंग व पैकेजिंग का प्रशिक्षण देने वाली कीर्ति बताती हैं कि 2016 में उत्तराखंड में हुए एक सर्वेक्षण में पता चला था कि यहां की 41 प्रतिशत महिलाओं में हीमोग्लोबिन की कमी है। तब उन्होंने टिहरी के महिला सहकारिता समूह द्वारा रागी के लड्डू बनवा कर छात्राओं को मध्याह्न भोजन में  दिए। केवल एक महीने में ही छात्राओं में हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ने लगी। इससे उत्साहित होकर सरकार ने इसके लिए 25,00,000 रुपए का अनुदान देकर इन लड्डुओं को पूरे साल बंटवाने का अभियान चलाया। कीर्ति को उनके इन प्रयासों के लिए हिल रत्न, इंडिया स्टार, यूथ आइकोनिक अवॉर्ड व यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड  मिले हैं। साथ ही वे ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की टिहरी की ‘ब्रांड एम्बेसडर’ भी हैं।

 

 

मशरूम से कमा रही हैं मुद्रा  
 

देहरादून में रहने वाली 30 साल की दिव्या रावत का ‘दिव्या मशरूम’ खेती के क्षेत्र में एक जाना-माना नाम है। ‘मशरूम गर्ल’ के नाम से पहचान बनाने वाली दिव्या को उत्तराखंड सरकार ने मशरूम का ‘ब्रांड एम्बेसडर’ भी बनाया है। मशरूम के जरिए दिव्या आज करीब 2 करोड़ रुपए से अधिक का सालाना कारोबार कर रही हैं। दिव्या के अनुसार मशरूम जल, जमीन, जलवायु की नहीं, बल्कि तापमान की खेती है। इसकी इतनी किस्में होती हैं कि हम हर मौसम में इसकी खेती कर सकते हैं। ताजा मशरूम बाजार में बेच सकते हैं और इसके सह उत्पाद भी बना सकते हैं। उन्होंने मशरूम इसलिए चुना क्योंकि उसके दाम अन्य सभी सब्जियों से अधिक हैं। इसलिए उन्होंने 2015 में मशरूम की खेती का प्रशिक्षण लेकर 3,00,000 रु. की लागत से खेती शुरू की। धीरे-धीरे लोग उनके साथ आते गए और जल्दी ही दिव्या ने अपनी कंपनी भी बना ली। आज वे उत्तराखंड के 10 जिलों में मशरूम उत्पादन की 55 से ज्यादा इकाई लगा चुकी हैं।  

 

दीदियों की दीदी 

गुरुग्राम से सटे चन्दू गांव की पूजा शर्मा ने खुद स्वावलंबी बनकर आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर एक मिसाल कायम की है। कृषि विज्ञान केंद्र शिकोहपुर, गुरुग्राम से कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन में तकनीकी प्रशिक्षण लेकर पूजा ने स्थानीय कच्चे माल से शहरी लोगों की जरूरतों और पसंद के हिसाब से खाद्य उत्पाद बनाने की शुरुआत की। उन्होंने गेहूं, सोयाबीन, बाजरा और रागी से हेल्दी स्नैक्स बनाना शुरू किया और आस-पास की 10 गरीब महिलाओं के साथ मिल कर 2013 में  ‘क्षितिज’ स्वयं सहायता समूह बनाया। शुरू में उन्होंने आसपास के स्कूल, जिम तथा विभिन्न राष्ट्रीय व क्षेत्रीय प्रदर्शनियों में स्टॉल लगाकर अपने उत्पाद बेचे। देखते-देखते उनसे 150 महिलाएं और जुड़ गर्इं। फिर गैर सरकारी संगठन ‘सिटी फाउंडेशन’ की मदद से उन्होंने कुकीज बनाने की एक फैक्ट्री लगायी। आज इनके बने उत्पाद बड़े-बड़े रिटेल स्टोर, बिग बाजार और पांच सितारा होटलों तक जा रहे हैं। पूजा हरियाणा सरकार के नवोन्मेषी कृषक पुरस्कार से सम्मानित हो चुकी हैं। आज उन्हें दीदियों की दीदी भी कहा जाता है।  

इन महिला कृषकों ने इस मिथक को तोड़ा है कि खेती और किसानी केवल पुरुषों का काम है। इनका तो यह भी कहना है कि यदि महिलाओं को समान अवसर मिले तो वे खेती करके भारत को और समृद्ध कर सकती हैं। उम्मीद है कि इनकी बात सरकार और संबंधित लोगों तक पहुंचेगी।     

ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

Social Media Double Standard Sejal Pawar 370 Biryani Controversy

सेजल पवार और 370 बिरयानी विवाद : दोहरा मापदंड और जब फेम का खेल कानून और समाज पर भारी पड़ने लगे

Governor Anandiben Patel Order Conversion Cell UP Medical Colleges KGMU SGPGI

यूपी के मेडिकल कॉलेजों में कन्वर्जन रोकने को बनेगी निगरानी सेल, KGMU और SGPGI के मामलों पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सख्त

Amritsar Heroin Seizure Police Commissioner Gurpreet Singh Bhullar Punjab

Amritsar Heroin Seizure: अमृतसर पुलिस ने दुबई-पाकिस्तान ड्रग नेटवर्क के 6 तस्कर किए गिरफ्तार, 30 किलो हेरोइन जब्त

Kapurthala Crime News Pastor Harbhajan Singh Arrested Punjab Police

Kapurthala Crime News: कपूरथला में पादरी ने किया बलात्कार, 18 वर्षीय पीड़िता ने की आत्महत्या, हरभजन सिंह गिरफ्तार

क्या तमिलनाडु में शुरू हो गई मीडिया ‘सेंसरशिप’? बड़े न्यूज चैनल अचानक गायब TVK सरकार की कमियां दिखाना बनी वजह?

WB Madhyamik Result 2026 Vidya Bharati Students Toppers Sharda Vidya Mandir

पश्चिम बंगाल माध्यमिक परीक्षा में विद्या भारती का जलवा, टॉप-10 में शामिल हुए 13 छात्र, लोकभवन में हुआ सम्मान

Load More

ताज़ा समाचार

Social Media Double Standard Sejal Pawar 370 Biryani Controversy

सेजल पवार और 370 बिरयानी विवाद : दोहरा मापदंड और जब फेम का खेल कानून और समाज पर भारी पड़ने लगे

Governor Anandiben Patel Order Conversion Cell UP Medical Colleges KGMU SGPGI

यूपी के मेडिकल कॉलेजों में कन्वर्जन रोकने को बनेगी निगरानी सेल, KGMU और SGPGI के मामलों पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सख्त

Amritsar Heroin Seizure Police Commissioner Gurpreet Singh Bhullar Punjab

Amritsar Heroin Seizure: अमृतसर पुलिस ने दुबई-पाकिस्तान ड्रग नेटवर्क के 6 तस्कर किए गिरफ्तार, 30 किलो हेरोइन जब्त

Kapurthala Crime News Pastor Harbhajan Singh Arrested Punjab Police

Kapurthala Crime News: कपूरथला में पादरी ने किया बलात्कार, 18 वर्षीय पीड़िता ने की आत्महत्या, हरभजन सिंह गिरफ्तार

क्या तमिलनाडु में शुरू हो गई मीडिया ‘सेंसरशिप’? बड़े न्यूज चैनल अचानक गायब TVK सरकार की कमियां दिखाना बनी वजह?

WB Madhyamik Result 2026 Vidya Bharati Students Toppers Sharda Vidya Mandir

पश्चिम बंगाल माध्यमिक परीक्षा में विद्या भारती का जलवा, टॉप-10 में शामिल हुए 13 छात्र, लोकभवन में हुआ सम्मान

Varanasi Crime News Sarnath Police Arrested Mohammad Samir

वाराणसी: ‘निकाह’ के प्रस्ताव पर मोहम्मद समीर ने जबरन हलक में उतारी मौत की दवा, तड़प-तड़प कर मरी सिपाही की होनहार बेटी

संस्कृत विकास पर मंथन: बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी व कुलपति मुरलीमनोहर पाठक की भेंट

क्या US को नहीं पता था जिस जहाज पर हमला किया उसमें 24 भारतीय हैं? UP, हिमाचल और आंध्र के रहने वाले थे मारे गए 3 नाविक

RSS Headquarters Nagpur Security IED Bomb Threat

नागपुर: संघ कार्यालय को IED से उड़ाने की धमकी, ‘खालिस्तान’ के नाम से आया ई-मेल, जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies