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इस्लामी जिहाद : जिहादी युवतियों के लिए बंद हुए भारत के दरवाजे!

WebdeskJun 14, 2021, 08:13 PM IST

इस्लामी जिहाद : जिहादी युवतियों के लिए बंद हुए भारत के दरवाजे!


आईएस से जुड़ने के लिए, जिहादी सबक सीखकर अफगानिस्तान गईं केरल की चार युवतियां नहीं लौट पाएंगी भारत

अपने शौहरों के साथ खुरासान सूबे में आतंकी संगठन आईएस में शामिल होने गईं केरल की चार महिलाओें को भारत लौटाने में शायद सरकारी मदद नहीं मिलने वाली। इस बात के पुख्ता संकेत हैं कि आतंकी हमलों में अपने शौहरों के मारे जाने के बाद अब सोनिया सेबेस्टियन उर्फ आयशा, राफियाला, मैरिन जैकब उर्फ मरियम और निमिशा उर्फ फातिमा ईसा शायद ही भारत लौट पाएं। बताते हैं, इन महिलाओं ने नवम्बर 2019 में अफगानिस्तान में आत्मसमर्पण किया था जिसके बाद, भारतीय अधिकारियों ने दिसम्बर 2019 में उनसे पूछताछ भी की थी। इससे साफ हुआ था कि उनके जहर में जिहादी जहर बहुत गहराई तक रोपा गया है।

    2016 में केरल से अलग-अलग टुकड़ियों में 21 युवक-युवतियां अफगानिस्तान गए थे। उन्होंने ईरान से पैदल ही अफगानिस्तान सीमा में प्रवेश किया था। इस गुट में ही थी सेबेस्टियन उर्फ आयशा। इसके बाद एनआईए ने इसके खिलाफ 2017 में आरोप पत्र दायर किया था। एनआईए ने बताया कि सेबेस्टियन अपने शौहर अब्दुल रशीद अब्दुल्ला के साथ 31 मार्च 2016 को केरल के कासरगोड से अफगानिस्तान के लिए रवाना हुई थी। 2015 में दोनों ने आईएस और जिहाद पर गुप्त कक्षाओं में भाग लिया था।

     इस बात के पुख्ता संकेत हैं कि आतंकी हमलों में अपने शौहरों के मारे जाने के बाद अब सोनिया सेबेस्टियन उर्फ आयशा, राफियाला, मैरिन जैकब उर्फ मरियम और निमिशा उर्फ फातिमा ईसा शायद ही भारत लौट पाएं। बताते हैं, इन महिलाओं ने नवम्बर 2019 में अफगानिस्तान में आत्मसमर्पण किया था जिसके बाद, भारतीय अधिकारियों ने दिसम्बर 2019 में उनसे पूछताछ भी की थी।
     

    मैरिन जैकब पलक्कड़ से है। अपने पति बेस्टिन विंसेंट के साथ वह भी आईएस से जुड़ने के लिए अफगानिस्तान गई थी। दोनों ने इस्लाम में कन्वर्जन किया था। विंसेंट याह्या बन गया था। विंसेंट का भाई बैक्सन भी अपनी बीवी निमिशा उर्फ फातिमा को लेकर उनके साथ गया था। राफियाला का शौहर इजास कल्लूकेट्टिया कासरगोड में डाक्टर था। वे भी आईएस में शामिल होने अफगानिस्तान चले गए थे।   

    भारत के अनुरोध पर इंटरपोल ने उक्त चारों महिलाओं के खिलाफ रेड नोटिस भी जारी किया हुआ है। अब अपने शौहरों के विभिन्न आतंकी हमलों और सुरक्षाबलों से मुठभेड़ों में मारे जाने के बाद चारों अपने बच्चों के साथ भारत लौटने के सपने देख रही हैं। लेकिन इस बात के आसार नहीं हैं कि भारत की तरफ से ऐसा कोई प्रयास किया जाएगा।   

Comments
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Anonymous
on Jun 15 2021 07:18:25

केरल पर ध्यान देने की आवश्यकता है अन्यथा बंगाल जैसी हिंसा की संभावना हो सकती है। अभी से सुदूर क्षेत्रों में केंद्र सरकार स्कूल, अस्पताल बनाए जिससे ईसाई मिशनरियों पर ध्यान रखा जा सके। भाजपा को हराने के लिए ईसाई मुस्लिम एक हो जाते हैं। विनोद जौहरी 9717929191

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#Panchjanya #Afghanistan #HareRaam

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