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जम्मू—कश्मीर: पत्थरबाजी से लेकर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों को नहीं मिलेगा पासपोर्ट-सरकारी नौकरी के लिए क्लीयरेंस

WebdeskAug 02, 2021, 01:11 PM IST

जम्मू—कश्मीर: पत्थरबाजी से लेकर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों को नहीं मिलेगा पासपोर्ट-सरकारी नौकरी के लिए क्लीयरेंस


देश विरोधी घटनाओं में शामिल लोगों और पत्थरबाजों पर नकेल कसते हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। इस आदेश के तहत अब देश विरोधी गतिविधियों, पत्थरबाजी में शामिल लोगों को न तो पासपोर्ट मिलेगा और न ही सरकारी नौकरी



देश विरोधी घटनाओं में शामिल लोगों और पत्थरबाजों पर नकेल कसते हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत जम्मू-कश्मीर सरकार ने पत्थरबाजों और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने वाले लोगों पर कार्रवाई करने के लिए एक नया आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत अब देश विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों को पासपोर्ट नहीं मिलेगा।

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में सरकारी नौकरी, पासपोर्ट के लिए सिक्योरिटी क्लीयरेंस की जरूरत पड़ती है। लेकिन नए आदेश के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल पाया गया है, तो उसे संबंधित अधिकारियों द्वारा सिक्योरिटी क्लीयरेंस नहीं मिलेगा। जिससे उस व्यक्ति का ना तो पासपोर्ट बन पाएगा और ना ही उसे सरकारी नौकरी मिल पाएगी। पासपोर्ट नहीं मिलने के कारण पत्थरबाज से लेकर राष्ट्र की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाले अतिवादी विदेश भी नहीं भाग पाएंगे।


इस संबंध में सीआईडी की विशेष शाखा कश्मीर के एसएसपी ने अपने अधीनस्थ सभी अधिकारियों और कर्मियों को एक लिखित आदेश जारी किया है। जिसमें कहा है कि संबंधित अधिकारी जब पासपोर्ट सेवा और सरकारी सेवा या सरकारी योजनाओं के संदर्भ में किसी व्यक्ति की जांच करते हैं, तो वह यह जरूर ध्यान रखें कि संबधित व्यक्ति किसी भी तरह से पत्थरबाजी, राज्य और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाली गतिविधियों, कानून व्यवस्था भंग करने में लिप्त ना रहा हो। उसके बारे में संबधित पुलिस स्टेशन से भी पूरा पता किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अगर आवेदक ऐसी गतिविधियों में लिप्त है, तो उसे किसी भी तरह से पासपार्ट या सरकारी सेवा के लिए क्लीयरेंस ना दिया जाए। इतना ही नहीं संबंधित पुलिस स्टेशन और सुरक्षा एजेंसियों के पास अकसर ऐसे लोगों की सीसीटीवी फुटेज, तस्वीरें, वीडियो, आडियो और क्वाडकाप्टर द्वारा ली गई तस्वीरें उपलब्ध रहती हैं, उनका पूरा संज्ञान लिया जाना चाहिए। जिसके बाद ही आवेदक को क्लीयरेंस दी जानी चाहिए।

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