पाञ्चजन्य - राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक पत्रिका | Panchjanya - National Hindi weekly magazine
Google Play पर पाएं
Google Play पर पाएं

चर्चित आलेख

एनआईए करेगी वायु सेना स्टेशन पर 'ड्रोन हमले' की जांच

WebdeskJun 29, 2021, 05:39 PM IST

एनआईए करेगी वायु सेना स्टेशन पर 'ड्रोन हमले' की जांच

जम्मू के सैन्य क्षेत्र कुंजवानी, सुंजवां और रत्नूचक इलाके में फिर से संदिग्ध संदिग्ध ड्रोन दिखाई दिए हैं। यह देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है  

जम्मू में वायु सेना स्टेशन पर ड्रोन हमले का सीमा पार से आतंकी कनेक्शन पुख्ता होने पर इस मामले की जांच गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी है। इस हमले के बाद से जम्मू के सैन्य क्षेत्रों में लगातार ड्रोन देखे जा रहे हैं। हमले के अगले ही दिन सोमवार तड़के करीब तीन बजे जम्मू के कालूचक मिलिट्री स्टेशन के पास दो ड्रोन दिखे। हाई अलर्ट पर सुरक्षा बलों ने करीब 25 राउंड फायरिंग करके खदेड़ा।इसी तरह बीती रात कुंजवानी, सुंजवां और रत्नूचक इलाके में संदिग्ध ड्रोन देखे गए। सैनिकों के फायरिंग करने पर यह ड्रोन भी आसमान में गायब हो गए।

इस मामले की शुरू से ही आतंकी एंगल से जांच कर रही सुरक्षा एजेंसियों को भी आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) की भूमिका होने का संदेह है। प्रारम्भिक जांच में पता चला है कि देश में पहली बार 'ड्रोन अटैक' को अंजाम देने के लिए जम्मू हवाई अड्डे से मात्र 14.5 किलोमीटर दूर सीमा पार से दो ड्रोन ने उड़ान भरी और पेलोड गिराकर वापस लौट गए। ड्रोन के 1.2 किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ने का संदेह है जो लंबी दूरी की बैटरी से संचालित किये गए थे। खुफिया और जांच एजेंसियों की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान की आर्मी और आईएसआई कश्मीर घाटी में ऐसे छोटे ड्रोन को लाने की कोशिश में जुटी हुई है जिनका इस्तेमाल लश्कर और हिज्बुल के आतंकी जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों पर आईईडी हमले के लिए कर सकते हैं।

यही वजह है कि बीते 48 घंटे में जम्मू के सैन्य क्षेत्रों के आसपास ड्रोन की गतिविधियां बढ़ती दिख रही हैं। जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर रविवार की रात हुए ड्रोन हमले के अगले ही दिन सोमवार तड़के करीब तीन बजे जम्मू के कालूचक मिलिट्री स्टेशन के पास दो ड्रोन दिखे। हाई अलर्ट पर सुरक्षा बलों ने करीब 25 राउंड फायरिंग की, जिसके बाद दोनों ड्रोन रात के अंधेरे में गायब हो गए। अब बीती रात फिर तीन जगहों कुंजवानी, सुंजवां और रत्नूचक इलाके में संदिग्ध ड्रोन देखे गए। सुंजवां और रत्नूचक इलाके में रात 1.08 बजे, कुंजवानी सैन्य इलाके में सुबह तीन से साढ़े चार बजे के बीच संदिग्ध ड्रोन देखा गया। सैनिकों की फायरिंग के बाद यह ड्रोन वापस लौट गए लेकिन लगातार ड्रोन गतिविधियां बढ़ने पर जम्मू ही नहीं बल्कि देश के सभी सैन्य स्टेशनों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

जम्मू-कश्मीर में वायु सेना स्टेशन, मिलिट्री स्टेशन और अन्य सैन्य क्षेत्रों के आसपास एनएसजी कमांडो को एंटी-ड्रोन तोपों से लैस किया गया है। जांच एजेंसियों को इन धमाकों में 'इम्पैक्ट आईईडी' का इस्तेमाल किये जाने की आशंका है।इम्पैक्ट आईईडी ऐसा विस्फोटक होता है जो जमीन या सतह पर आते ही फट जाता है। हालांकि घटनास्थल पर मिले अवशेषों की अभी फोरेंसिक लैब में जांच की जा रही है, जिसकी रिपोर्ट आने में 48 घंटे तक का वक्त लग सकता है।उसके बाद ही इस बात की पुष्टि हो सकेगी कि धमाकों के लिए आतंकियों ने किस विस्फोटक का इस्तेमाल किया था।

इस मामले की शुरू से ही आतंकी एंगल से जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी की टीम को सीमा पार से आतंकी कनेक्शन होने के सबूत हाथ लगे हैं, इसीलिए अब गृह मंत्रालय ने एनआईए को जांच सौंप दी है। स्थानीय टीम की सहायता के लिए एनआईए की एक टीम शीघ्र ही जम्मू पहुंचेगी। वायुसेना की स्पेशल टीम और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की टीम भी अलग-अलग एंगल से जांच कर रही है।

Comments

Also read: श्री विजयादशमी उत्सव: भयमुक्त भेदरहित भारत ..

Afghanistan में तालिबान के आतंक के बीच यहां गूंज रहा हरे राम का जयकारा | Panchjanya Hindi

अफगानिस्तान का एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें नवरात्रि के दौरान काबुल के एक मंदिर में हिंदू समुदाय लोग ‘हरे रामा-हरे कृष्णा’ का भजन गाते नजर आ रहे हैं।
#Panchjanya #Afghanistan #HareRaam

Also read: दुर्गा पूजा पंडालों पर कट्टर मुस्लिमों का हमला, पंडालों को लगाई आग, तोड़ीं दुर्गा प्र ..

कुंडली बॉर्डर पर युवक की हत्‍या, शव किसान आंदोलन मंच के सामने लटकाया
सहारनपुर में हो रहा मदरसे का विरोध, जानिए आखिर क्या है कारण

विजयादशमी पर विशेष : दुष्प्रवृत्तियों से जूझने का लें सत्संकल्प

  विजयादशमी के महानायक श्रीराम भारतीय जनमानस की आस्था और जीवन मूल्यों के अन्यतम प्रतीक हैं। भारतीय मनीषा उन्हें संस्कृति पुरुष के रूप में पूजती है। उनका आदर्श चरित्र युगों-युगों से भारतीय जनमानस को सत्पथ पर चलने की प्रेरणा देता आ रहा है। शौर्य के इस महापर्व में विजय के साथ संयोजित दशम संख्या में सांकेतिक रहस्य संजोये हुए हैं। हिंदू तत्वदर्शन के मनीषियों की मान्यता है कि जो व्यक्ति अपनी आत्मशक्ति के प्रभाव से अपनी दसों इंद्रियों पर अपना नियंत्रण रखने में सक्षम होता है, विजयश्री उसका वरण अवश ...

विजयादशमी पर विशेष : दुष्प्रवृत्तियों से जूझने का लें सत्संकल्प