पाञ्चजन्य - राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक पत्रिका | Panchjanya - National Hindi weekly magazine
Google Play पर पाएं
Google Play पर पाएं

विश्व

फेसबुक का एक और काला सच उजागर, रिपोर्ट का दावा-भारत में हिंसा पर खुशी, फर्जी जानकारी और नफरती भाषण रोक नहीं पाया सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म

WebdeskOct 26, 2021, 03:34 PM IST

फेसबुक का एक और काला सच उजागर, रिपोर्ट का दावा-भारत में हिंसा पर खुशी, फर्जी जानकारी और नफरती भाषण रोक नहीं पाया सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म
प्रतीकात्मक चित्र

सोशल मीडिया के अध्ययनकर्ताओं ने बताया है कि फेसबुक पर ऐसे समूह और पेज हैं जो भ्रामक, भड़काऊ तथा समुदाय विशेष विरोधी चीजों से भरे पड़े हैं


एक अंतरराष्ट्रीय संस्थान की शोध रिपोर्ट ने बताया है कि फेसबुक भारत में फर्जी सूचनाएं तथा नफरती भाषणों से निपटने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है। यह जानकारी फेसबुक के ही आंतरिक दस्तावेजों को खंगालने से मिली है। पता चला है कि भारत इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सबसे बड़ा बाजार है। लेकिन इसी में फेसबुक गलत सूचनाएं, नफरत फैलाने वाले भाषणों और हिंसा पर जश्न मनाने जैसी चीजों को काबू नहीं कर पाया है। यह खबर खुद अमेरिका के मीडिया में जारी हुई है। इसके अनुसार, सोशल मीडिया के अध्ययनकर्ताओं ने बताया है कि फेसबुक पर ऐसे समूह और पेज हैं जो ‘भ्रामक, भड़काऊ तथा समुदाय विशेष विरोधी चीजों से भरे पड़े हैं।’

24 अक्तूबर को न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी खबर के अनुसार, फेसबुक के अध्ययनकर्ताओं ने फरवरी 2019 में कुछ नए उपयोगकर्ता खाते बनाए जिससे पता चले कि केरल में रहने वालों को यह सोशल मीडिया वेबसाइट कैसी दिखती है। समाचार पत्र के अनुसार, खाते को अगले तीन हफ्ते तक आम नियम के अंतर्गत चलाया गया। ग्रुप्स से जुड़ने, वीडियो और किसी साइट के नए पेज देखने के लिए फेसबुक की एग्लोरिद्म की सभी अनुशंसाओं का पालन किया गया था। नतीजा यह सामने आया है कि उपयोगकर्ता को नफरती भाषण, गलत जानकारियां तथा हिंसा पर खुशियां मनाने की ढेरों पोस्ट आने लगीं, यह सब फेसबुक की आंतरिक रिपोर्ट में दर्ज है जो फरवरी 2019 महीने के अंत में उसकी समग्र रिपोर्ट में प्रकाशित हुई थी।

 

न्यूयॉर्क टाइम्स तथा एसोसिएटेड प्रेस के अलावा कई अन्य समाचार समूहों को मिली इस रिपोर्ट के अनुसार, फेसबुक के ‘आंतरिक दस्तावेज दिखाते हैं कि कंपनी अपने सबसे बड़े बाजार यानी भारत में गलत सूचनाएं, नफरती भाषणों तथा हिंसा की खुशी मनाने वाली सामग्री से निपट नहीं पा रही है।’



न्यूयॉर्क टाइम्स तथा एसोसिएटेड प्रेस के अलावा कई अन्य समाचार समूहों को मिली इस रिपोर्ट के अनुसार, फेसबुक के ‘आंतरिक दस्तावेज दिखाते हैं कि कंपनी अपने सबसे बड़े बाजार यानी भारत में गलत सूचनाएं, नफरती भाषणों तथा हिंसा की खुशी मनाने वाली सामग्री से निपट नहीं पा रही है।’ न्यूयॉर्क टाइम्स का कहना है कि भारत में 22 भाषाएं मान्यता प्राप्त हैं जिनमें से सिर्फ पांच भाषाओं में ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आधार पर सामग्री का अध्ययन करने की सुविधा है। अजीब बात है कि इनमें हिंदी तथा बांग्ला भाषाएं अब तक शामिल नहीं की गई हैं।

Comments

Also read:पकड़ी गई ढाका की फातिमा, पुलिस ने बरामद की पाकिस्तान में बनी श्रीलंका के रास्ते आई 7 ..

UP Chunav: Lucknow के इस मुस्लिम भाई ने खोल दी Akhilesh-Mulayam की पोल ! | Panchjanya

योगी जी या अखिलेश... यूपी का मुसलमान किसके साथ? इसको लेकर Panchjanya की टीम ने लखनऊ में एक मुस्लिम रिक्शा चालक से बात की. बातों-बातों में इस मुस्लिम भाई ने अखिलेश और मुलायम की पोल खोलकर रख दी.सुनिए ये योगी जी को लेकर क्या सोचते हैं और यूपी में 2022 में किसपर भरोसा करेंगे.
#Panchjanya #UPChunav #CMYogi

Also read:चीनी कर्ज के मकड़जाल में फंसे युगांडा के एकमात्र हवाई अड्डे पर हुआ ड्रैगन का कब्जा ..

ग्‍वादर में अपने सम्‍मान के लिए 12 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हजारों बलूच
पाकिस्तानियों के दिल से उतरे इमरान खान, 87 प्रतिशत जनता ने माना-देश गलत राह पर

सोलोमन द्वीप पर दंगे और आगजनी, ताइवान को छोड़ चीन के पाले में जाने के सरकार के फैसले से लोग नाराज

सोलोमन द्वीप समूह और ताइवान के बीच एक लंबे वक्त से सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं, लेकिन इधर वहां की सरकार ने ताइवान से नाता तोड़कर चीन के पाले में जाने का मन बनाया है, इसे लेकर वहां के लोग बहुत नाराज हैं   आलोक गोस्वामी सोलोमन द्वीप के लोग इन दिनों बहुत आक्रोशित हैं। वे अपनी सरकार के ताइवान से दशकों पुराने संबंध तोड़कर चीन के पाले में जाने को लेकर गुस्से में हैं। पूरे द्वीप पर सरकार के प्रति अपनी नाराजगी जताते हुए लोगों ने दंगे कर दिए हैं, जगह—जगह आगजनी देखने में आई है। हालात इत ...

सोलोमन द्वीप पर दंगे और आगजनी, ताइवान को छोड़ चीन के पाले में जाने के सरकार के फैसले से लोग नाराज