पाञ्चजन्य - राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक पत्रिका | Panchjanya - National Hindi weekly magazine
Google Play पर पाएं
Google Play पर पाएं

चर्चित आलेख

मजहबी दंगे भड़काने में कट्टर जमाते-इस्लामी का हाथ, उन्मादी नेता ने उगला सच

WebdeskOct 22, 2021, 02:28 PM IST

मजहबी दंगे भड़काने में कट्टर जमाते-इस्लामी का हाथ, उन्मादी नेता ने उगला सच
कमालुद्दीन अब्बासी

जमाते-इस्लामी के कट्टरवादी नेता कमालुद्दीन अब्बासी ने आखिरकार मान लिया है कि बांग्लादेश के हाजीगंज के दुर्गा पूजा मंडप पर हुए हमले में वह शामिल था


13 अक्तूबरको बांग्लादेश में हिन्दू विरोधी उपद्रव शुरू होने के साथ ही, जैसी आशंका जताई जा रही थी, वह आखिरकार सच साबित हुई है। माना जा रहा था कि इसमें पूर्व प्रधानमंत्री और कट्टर मजहबी तत्वों की सरपरस्त बेगम खालिदा जिया की शह प्राप्त मजहबी उन्मादी गुट जमाते इस्लामी का हाथ है। अब जो खुलासा हुआ है उसने इस अनुमान को एकदम सही ठहराया है। जमाते-इस्लामी के कट्टरवादी नेता कमालुद्दीन अब्बासी ने आखिरकार मान लिया है कि बांग्लादेश के हाजीगंज के दुर्गा पूजा मंडप पर हुए हमले में वह शामिल था।

21 अक्तूबर की शाम को चांदपुर के वरिष्ठ न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद कमालुद्दीन के न्यायालय में कमालुद्दीन ने जुर्म स्वीकार किया है। चांदपुर के पुलिस अधीक्षक मिलन महमूद का कहना है कि जमाते इस्लामी के इस नेता कमालुद्दीन ने उस उपद्रव में शामिल दूसरे मजहबी उन्मादियों नाम भी पुलिस को बताए हैं। उल्लेखनीय है कि अक्तूबर महीने के शुरू में उन्मादियों के एक झुंड ने हाजीगंज बाजार के मंदिर पर हमला बोला था।
 

बांग्लादेश में मजहबी उन्मादियों द्वारा तोड़ा गया एक दुर्गा पूजा मंडप   (फाइल चित्र)



दंगा भड़काए जाने के दिन यानी 13 अक्तूबर को उपद्रव को काबू करने पहुंची पुलिस से दंगाइयों की हिंसक झड़प हुई थी जिसमें पांच लोगों की मौत हुई थी। उस उपद्रव की सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए कमालुद्दीन अब्बासी उपद्रवी भीड़ की अगुआई करते देखा गया था।


21 अक्तूबर की शाम को चांदपुर के वरिष्ठ न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद कमालुद्दीन के न्यायालय में कमालुद्दीन ने जुर्म स्वीकार किया है। चांदपुर के पुलिस अधीक्षक मिलन महमूद का कहना है कि जमाते इस्लामी के इस नेता कमालुद्दीन ने उस उपद्रव में शामिल दूसरे मजहबी उन्मादियों नाम भी पुलिस को बताए हैं।

 

पुलिस ने देश भर में फैले हिन्द्र विरोधी हिंसक उपद्रव और आगजनी के करीब 10 मामले दर्ज किए हैं जिनमें करीब 5 हजार अज्ञात लोगों पर आरोप लगाए गए हैं। इनमें से पुलिस ने अब तक 29 लोगों को हिरासत में ले लिया है।


 

 

Comments

Also read:विपक्षी हंगामे के बीच लोकसभा में कृषि कानून वापसी बिल हुआ पास ..

UP Chunav: Lucknow के इस मुस्लिम भाई ने खोल दी Akhilesh-Mulayam की पोल ! | Panchjanya

योगी जी या अखिलेश... यूपी का मुसलमान किसके साथ? इसको लेकर Panchjanya की टीम ने लखनऊ में एक मुस्लिम रिक्शा चालक से बात की. बातों-बातों में इस मुस्लिम भाई ने अखिलेश और मुलायम की पोल खोलकर रख दी.सुनिए ये योगी जी को लेकर क्या सोचते हैं और यूपी में 2022 में किसपर भरोसा करेंगे.
#Panchjanya #UPChunav #CMYogi

Also read:शिक्षा : भाषाओं के लिए आगे आई भारत सरकार ..

संसद भवन पर खालिस्तानी झंडा फहराने की साजिश, खुफिया विभाग ने किया अलर्ट
मथुरा में 6 दिसंबर को  बाल गोपाल के जलाभिषेक कार्यक्रम को नहीं मिली अनुमति, धारा 144 हुई लागू

जी उठे महाराजा

एयर इंडिया एक निजी एयरलाइन थी जिसने उद्यमिता की उड़ान भरी और अपनी सेवाओं से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साख बनाई। इसे देखते हुए इसके राष्ट्रीयकरण तक तो हालात ठीक थे परंतु राजनीति के चलते मनमानी व्यवस्थाओं और भीतर पलते भ्रष्टाचार ने इसे खोखला कर दिया। इससे साख में सुराख हुआ। विनिवेश से अब फिर महाराजा की साख लौटने की उम्मीद मनीष खेमका 68 वर्ष, यानी लगभग सात दशक बाद महाराजा फिर जी उठे। जी हां। 1953 में दुनिया में प्रतिष्ठा अर्जित करने वाली टाटा एयरलाइंस, जिसके शुभंकर थे ‘महाराजा’, का भार ...

जी उठे महाराजा