पाञ्चजन्य - राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक पत्रिका | Panchjanya - National Hindi weekly magazine
Google Play पर पाएं
Google Play पर पाएं

विश्व

अब बच्चों के 'बुरे व्यवहार' के लिए माता-पिता को दंडित वाला कानून लाएगा चीन

WebdeskOct 19, 2021, 02:48 PM IST

अब बच्चों के 'बुरे व्यवहार' के लिए माता-पिता को दंडित वाला कानून लाएगा चीन
चीन 18 साल तक के बच्‍चों के ऑनलाइन गेम्स खेलने पर प्रतिबंध लगा चुका हे।

चीन सरकार टीवी, ऑनलाइन गेम्‍स और पॉप संस्‍कृति पर प्रतिबंध लगाने के बाद परिवार शिक्षा संवर्धन कानून ला रही है। इसका खाका तैयार कर लिया गया है। इस प्र‍स्‍तावित कानून में बच्‍चों के बुरे आचरण के लिए माता-पिता को जिम्‍मेदार बनाया गया है।

 

चीन की कम्‍युनिस्‍ट सरकार देश में ‘वैचारिक नियंत्रण’ बढ़ाने के लिए अभियान चला रही है। इसके तहत कम्‍युनिस्‍ट सरकार न केवल टीवी, ऑनलाइन गेम्‍स और पॉप संस्‍कृति पर प्रतिबंध लगा रही है, बल्कि इन कानूनों के जरिए युवाओं को नियंत्रित करने की कोशिश भी कर रही है। इसके लिए चीन की कम्‍युनिस्‍ट सरकार नए-नए कानून बना रही है। चीन ने हाल ही में एक नया कानून बनाया था, जिसमें 18 साल से कम उम्र के बच्‍चों के ऑनलाइन गेम्‍स खेलने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस कानून के तहत बच्‍चे सप्‍ताह में केवल तीन घंटे ऑनलाइन गेम्‍स खेल पाएंगे। अब सरकार परिवार शिक्षा संवर्धन कानून लाने पर विचार कर रही है। इस कानून का मसौदा तैयार किया जा चुका है और इस सप्‍ताह इसे संसद में इसे पेश किए जाने की उम्‍मीद है। इस प्रस्‍तावित कानून में बच्‍चों के ‘बुरे व्‍यवहार’ के लिए माता-पिता को जिम्‍मेदार ठहराया गया है।

न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन की संसद में अगर यह कानून पारित हो जाता है तो न केवल बच्चों के साथ दुर्व्यवहार करने के लिए माता-पिता को दंडित किया जाएगा, बल्कि उन्‍हें युवाओं को ‘पार्टी, राष्ट्र, लोगों और समाजवाद से प्यार करना’ सिखाने के लिए मजबूर किया जाएगा। प्रस्तावित कानून के एक मसौदा संस्करण पर सत्र के दौरान नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) की स्‍थायी समिति बहस करेगी। यह कानून माता-पिता को बच्चों के आराम और व्यायाम के लिए समय निर्धारित करने को बाध्‍य करता है।

एनपीसी के विधायी मामलों के आयोग के प्रवक्ता जांग तिवेई का कहना है कि किशोर कई कारणों से दुर्व्‍यवहार करते हैं। इसमें अनुपयुक्त पारिवारिक शिक्षा की कमी भी एक प्रमुख कारण है। न्‍यूयॉर्क पोस्‍ट की रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्‍तावित कानून में माता-पिता से यह भी अपेक्षा की गई है कि वे बच्चों में ‘बुजुर्गों का सम्मान करने और युवाओं की देखभाल करने’ की भावना पैदा करें।

बता दें कि चीन के शिक्षा मंत्रालय ने इसी साल अगस्‍त में एक कानून लागू किया है, जिसके तहत बच्‍चे सप्‍ताह में तीन घंटे से अधिक ऑनलाइन गेम्‍स नहीं खेल पाएंगे। ऑनलाइन गेम्‍स खेलने के लिए बच्‍चों को अपने पहचानपत्र से पंजीकरण कराना होगा, जिससे वे अपनी उम्र नहीं छिपा सकेंगे। साथ ही, ऑनलाइन गेम्‍स कंपनियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे तय समय तक ही बच्‍चों को ऐसी सेवाएं दें। चीनी अधिकारियों ने ऑनलाइन गेमिंग से समाज पर पड़ रहे प्रभाव पर चिंता जताते हुए कहा था कि स्‍कूल के दौरान नाबालिग बच्‍चों को ऑनलाइन गेम खेलने से रोका जाए और उन्‍हें सप्‍ताह में केवल तीन घंटे ऑनलाइन गेम्‍स खेलने दिया जाए। चीन की सरकार नियंत्रित मीडिया भी ऑनलाइन गेमिंग को ‘आध्यात्मिक अफीम’ करार देते हुए कहा था कि इससे एक पूरी पीढ़ी को खतरा है। इसी तरह, चीन मनारंजन उद्योग पर भी नकेल कस चुका है। प्रसारकों से ‘गलत राजनीतिक रुख’ वाले कलाकारों पर प्रतिबंध लगाने के साथ ‘देशभक्ति का माहौल’ बनाए रखने को कहा गया था। चीन के नेशनल रेडियो एंड टेलीविजल एडमिनिस्‍ट्रेशन (एनआरटीए) ने एक ऑनलाइन नोटिस में कहा था कि सांस्‍कृतिक नियमों को और कड़ा बनाया जाएगा।
 

Comments

Also read:तालिबान का मीडिया के लिए नया फरमान, सरकार विरोधी रिपोर्ट छापी तो खैर नहीं ..

UP Chunav: Lucknow के इस मुस्लिम भाई ने खोल दी Akhilesh-Mulayam की पोल ! | Panchjanya

योगी जी या अखिलेश... यूपी का मुसलमान किसके साथ? इसको लेकर Panchjanya की टीम ने लखनऊ में एक मुस्लिम रिक्शा चालक से बात की. बातों-बातों में इस मुस्लिम भाई ने अखिलेश और मुलायम की पोल खोलकर रख दी.सुनिए ये योगी जी को लेकर क्या सोचते हैं और यूपी में 2022 में किसपर भरोसा करेंगे.
#Panchjanya #UPChunav #CMYogi

Also read:करतारपुर साहिब गुरुद्वारे में बिना सिर ढके पाकिस्तानी मॉडल ने खिंचवाई तस्वीरें, सिख श ..

इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर केविन पीटरसन ने दिल खोलकर की भारत की तारीफ, बताया-सबसे अच्छा देश!
कम्युनिस्ट चीन की सेना में बड़े पैमाने पर भर्ती और आधुनिकीकरण के पीछे जिनपिंग की मंशा क्या?

पाकिस्तान के हैदराबाद में हिन्दू महिला सोनारी मंदिर में पढ़ाती है कबीले के बच्चों को

सोनारी जब चौथी कक्षा में थी तभी ठान लिया था कि क़बीले के बच्चों को पढ़ना—लिखना सिखाएगी। हुसैनाबाद के एक स्कूल से मैट्रिक तक की पढ़ाई करने के बाद 2004 में सोनारी की शादी हुई और वह फलीली नहर कालोनी में अपने ससुराल आ गई  एक अनूठी कहानी का पता चला है पाकिस्तान के हैदराबाद शहर में। एक हिन्दू राजपूत महिला सोनारी बागड़ी यहां के एक मंदिर में आसपास के बच्चों को शिक्षित बनाने में जुटी है। वह यहां एक स्कूल चला रही है। अपने टोले में वह पहली ऐसी महिला है जो मैट्रिक पास है। हैदराबाद में फली ...

पाकिस्तान के हैदराबाद में हिन्दू महिला सोनारी मंदिर में पढ़ाती है कबीले के बच्चों को